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दैनिक पुनर्भुगतान कैसे होता है?

व्यावहारिक ज्ञान

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दैनिक पुनर्भुगतान की कार्यप्रणाली: पारंपरिक बैंकों में महीने के अंत में एकमुश्त बड़ी ईएमआई (EMI) भरनी होती है, जो अक्सर छोटे दैनिक व्यापारियों के लिए भारी बोझ बन जाती है। दैनिक पुनर्भुगतान (Daily Repayment) प्रणाली में 90 से 180 दिनों की अवधि के दौरान रोज़ की बिक्री में से एक छोटी, पूर्व-निर्धारित राशि जमा करनी होती है।

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दैनिक नकदी चक्र के अनुकूल संरचना: किराना, फल-सब्जी विक्रेता, चाय-नाश्ता स्टॉल या दर्जी का नकद प्रवाह दैनिक होता है। रोज़ शाम को ₹200 से ₹500 की छोटी किस्त निकालना, महीने के अंत में ₹9,000 से ₹15,000 का एकमुश्त चेक जमा करने की तुलना में मानसिक और वित्तीय रूप से कहीं अधिक आसान और तनावमुक्त होता है।

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किस्त व ब्याज का व्यावहारिक मिलान: उदाहरण के लिए, ₹30,000 के कार्यशील पूंजी ऋण पर यदि दैनिक किस्त ₹250 निर्धारित है और आपकी रोज़ाना की औसत बिक्री ₹3,500 है, तो किस्त आपकी दैनिक बिक्री का केवल 7% है। दुकान बंद करने से पहले सबसे पहले यह किस्त अलग रख देने से महीने के अंत का कोई तनाव नहीं रहता और आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर सुधरता है।

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बिक्री उतार-चढ़ाव में ध्यान देने योग्य बातें: याद रखें कि दैनिक किस्त की राशि ऋण अनुबंध में स्वीकृत होती है; यह बारिश या कम बिक्री वाले दिन स्वतः घटती नहीं है। इसलिए रविवार या त्योहारों पर जब बिक्री दोगुनी हो, तो उस अतिरिक्त आय से दो-तीन दिन की अग्रिम किस्त का बफर तैयार रखना समझदारी है।

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ऋण अदायगी की स्वर्ण नियम सूची: (क) दैनिक किस्त को दुकान के किराए और बिजली बिल की तरह अनिवार्य व्यावसायिक खर्च मानें। (ख) अधिकृत फील्ड एजेंट से तुरंत सत्यापित डिजिटल पावती या हस्ताक्षरित पासबुक एंट्री लें। (ग) किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को नकद न दें।

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